क्या आप समय पर भोजन करते हैं, फिर भी त्वचा संबंधी समस्याओं से परेशान हैं?
अगर आपको बार-बार खुजली होती है, एक्ने की समस्या बनी रहती है, त्वचा पर मवाद से भरे फोड़े बनते हैं या शरीर के किसी भाग में सफेद दाग (ल्यूकोडर्मा) उभरने लगे हैं — तो यह सामान्य समस्या नहीं है। इसे देहात में फुलवारी, शहरी क्षेत्रों में ल्यूकोडर्मा और शास्त्रीय भाषा में श्वित/शिवित रोग कहा जाता है।
आख़िर क्यों फैल रहा है सफेद दाग (Shivit Rog)?
👉 मुख्य कारण: गलत खानपान
आजकल माता-पिता लाड-प्यार में बच्चों को रोटी की बजाय दूध के साथ नमकीन, बिस्किट या ब्रेड-बटर देना शुरू कर चुके हैं। यह आदत न केवल पोषण की कमी पैदा करती है बल्कि विषैले भोजन का भी कारण बनती है।
👉 चाय या दूध के साथ नमकीन – एक धीमा ज़हर
आप इसे अनजाने में दे रहे हैं, लेकिन अगर किसी भी तरह का नमकीन चाय या दूध के साथ दिया जाए तो वह शरीर में विष बना देता है। यह विष धीरे-धीरे त्वचा की सबसे गहरी परत मांसधार कला तक पहुंचता है और वहाँ रोगों का जन्म देता है।
त्वचा की 7 परतें – जहाँ से जन्म लेता है रोग
आयुर्वेद के अनुसार त्वचा की 7 परतें होती हैं:
1. अवभाषिनी (Epiderma)
2. लोहिता
3. श्वेता
4. ताम्रा
5. वेदिनी
6. रोहिणी
7. मांसधार कला
जब विष इन परतों तक पहुंचता है, तो यह सफेद दाग, फोड़े, खुजली, एलर्जी आदि का कारण बनता है।
क्या ये रोग अनुवांशिक हो सकते हैं?
हाँ! यदि मां या पिता में से किसी को यह रोग है और अगर खाने-पीने की गलत आदतें भी नवजात में चलती हैं, तो जीन म्यूटेशन के कारण अगली पीढ़ी में यह रोग जन्म ले सकता है। यह गंभीर स्थिति है।
आयुर्वेदिक समाधान – Naadi Vaidya Kayakalp Rohtak में सफल उपचार
हम क्या करते हैं?
- रोग की जड़ में जाकर नाड़ी परीक्षण द्वारा रोग को पहचानते हैं।
- त्वचा की परतों को शुद्ध करने के लिए वमन कर्म (शुद्धिकरण चिकित्सा) का प्रयोग करते हैं।
- विशेष रसायन औषधियों का प्रयोग कर विष को बाहर निकालते हैं।
परिणाम:
हमारे पास ऐसे सैकड़ों रोगी हैं, जिनके सफेद दाग आयुर्वेदिक औषधि व परहेज द्वारा धीरे-धीरे भर गए और त्वचा सामान्य हो गई।
परहेज न करने वालों को हम दवा नहीं देते!
यदि आप परहेज नहीं कर सकते, विरुद्ध आहार (जैसे दूध के साथ नमकीन, तली चीजें) नहीं छोड़ सकते — तो हमारी चिकित्सा आपके लिए नहीं है। क्योंकि यह रोग परहेज और संयम से ही काबू में आता है।
क्या करें और क्या न करें?
✔️ क्या करें:
- रोटी, सादा दाल, हरी सब्जियाँ
- समय पर भोजन
- पंचकर्म (विशेष रूप से वमन)
- आयुर्वेदिक रसायन औषधि का नियमित सेवन
https://www.youtube.com/watch?v=Ewunz7md7Hs&t=338s
❌ क्या न करें:
- दूध के साथ नमकीन या बटर
- ब्रेड-बिस्किट
- अधिक तेल-मसाले वाले खाद्य
- विरुद्ध आहार जैसे दूध के साथ नमक
संस्थान जानकारी: Naadi Vaidya Kayakalp
🌿 नाड़ी वैद्य: वैद्य हिमांशु आर्य (PGIMS)
🌿 विशेषता: पंचकर्म, वमन कर्म, त्वचा रोग व एलर्जी की जड़ से चिकित्सा
🌿 औषधियाँ: स्वयं निर्मित रसायन, भावसिद्ध जड़ी-बूटियाँ
📍 रोहतक: हुड्डा सेक्टर-1 की पुलिया नं. 2 के सामने, दिल्ली बाईपास के पास
📍 दिल्ली: नारायण धर्म कांटा के पास, सोम बाजार रोड, नांगलोई
📞 संपर्क: 8595299299 | 7428299299
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