स्वास्थ्य की आत्मनिर्भरता का नया मार्ग: आयुर्वेद, सरल स्वास्थ्य व्यवस्था और आर्थिक सशक्तिकरण
स्वास्थ्य की आत्मनिर्भरता का समय अब है
भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से आगे बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। विज्ञान, तकनीक, उद्योग और डिजिटल सेवाओं में देश ने उल्लेखनीय प्रगति की है। लेकिन जब बात स्वास्थ्य की आती है, तो एक बड़ी चुनौती अब भी हमारे सामने खड़ी है। आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार के बावजूद मधुमेह, उच्च रक्तचाप, मोटापा, हृदय रोग और तनाव जैसी जीवनशैली से जुड़ी बीमारियाँ लगातार बढ़ रही हैं। दूसरी ओर, इलाज का बढ़ता खर्च लाखों परिवारों की आर्थिक स्थिति पर भारी पड़ रहा है।









