पार्ट -2
नाड़ी वैद्य कायाकल्प के अंदर वैद्य सत्यप्रकाश आर्य ने बताया कि शुगर के लिए क्या डाइट प्लान होना चाहिए और हम दवाई गोली कब बंद कर सकते हैं, कैसे बंद हो सकती है यह गोली।
भोजन के मध्य में पीजिए पानी
वैद्य जी ने बताया कि भोजन के बीच में पानी पीजिए “भोजन मध्य अमृतम वारी भोजन अंते विषदम भोजन” आदि रोग कारण यानी भोजन के तुरंत पहले अगर आप पानी पीते हैं, तो बीमारी पैदा करता है भोजन के तुरंत बाद पानी पीते हैं, तो जहर का काम करता है, भोजन में अमृत मरी भोजन के बीच में पानी अमृत का काम करता है।
आप भोजन के बीच में पानी पीजिए लेकिन कितना पानी पीना चाहिए, कैसे पीना चाहिए, आपको भोजन को सीधा बैठ कर के कमर को सीधा करके पदमासन पर बैठ कर के भोजन करना चाहिए।
इस तरह से भोजन के बीच में भोजन करते हुए बारबार जिवह्वा को धोते हुए मुख को साफ करते हुए भोजन के बीच में पानी पीना चाहिए।
खाने के साथ सलाद का सेवन करना चाहिए
भोजन के साथ सलाद का प्रयोग करना चाहिए सलाद के अंदर आप चाहे कच्चे करेले खा सकते हैं सलाद में आप चाहे खीरा टमाटर प्याज कच्चा गोभी पत्र गोभी और घिया भी आप प्रयोग कर सकते हैं।
पेठे का भी प्रयोग कर सकते हैं सलाद के अंदर क्योंकि सलाद में खाए गए ये सभी चीजें आप में कब्ज नहीं होने देगा गैस नहीं बनने देगा और जो शुगर के रोगी को बार-बार प्यास लगती है गले का सूखना जो है वो खत्म कर देगा और जब बार-बार प्यास नहीं लगेगी आप बारबार पानी नहीं पीएंगे और जब बार-बार पानी नहीं पीएंगे तो बहुमूत्र यानी पेशाब का ज्यादा जाना आपका खत्म हो जाएगा। आपकी समस्या का समाधान हो जाता है।
भोजन करने का सही समय
हमें भोजन सुबह 9 बजे से पहले कर लेना चाहिए भोजन सुबह चार से नौ के बीच में और शाम का भोजन भी चार से नौ के बीच में करना चाहिए कभी भी दिन में भोजन नहीं करना चाहिए।
दिवा सपनात दिवा भुंजा दिन में सोने से और दिन के खाने से शरीर के अंदर गैस बनती है, आपकी नसों में दर्द हो जाता है पैरो में सुनपना और झनझनाहट हो जाती है आप दिन का सोना और दिन का खाना बंद कर दीजिए। आपकी यह समस्या बंद हो जाएगी।
गाय के घी की दो बूंदे भी शुगर के खतरे को कम करती हैं
नाक में सोते समय अपने नाक में गाय का घी डालिए अगर शुद्ध आपको गाय का घी मिलता है तो गाय का घी डालिए नहीं तो सरसों का तेल नाक में डाल सकते हैं या बादाम का तेल भी नाक में डाल सकते हैं नाक में सरसों का तेल डालने से शुगर के रोगी अक्सर कहते हैं कि नींद नहीं आ रही तो उनको गहरी नींद आने लग जाएगी।
ताकत आनी शुरू हो जाएगी और नाक में घी डालने से सोच का प्रभाव शरीर पर नहीं आएगा।
टेंशन का प्रभाव आपके शरीर पर नहीं आएगा। क्योंकि शास्त्र कहते अति सनि धात शीत ऊषणात अकर्म सेवत अनाना दिवा सपनात दिवा भुंजा अति संताप क्रोध शोकस तथा क्रोध करने से चिंता करने से आपको शूगर का रोग हो जाता है तो।
नाक में सरसों का तेल डालने से आपको या बादाम का तेल डालने से या गाय का घी डालने से आपकी चिंता का प्रभाव आपके शरीर पर नहीं आएगा और जब शरीर पर नहीं जाएगा तो आपका शुगर अपने आप कंट्रोल होता चला जाएगा।
तली हुई चीजें व बाजार की मिठाइयां मत खाएं
अति सनिगधात जो तली हुई चीजें है ज्यादा प्रयोग नहीं करनी चाहिए जो बाजार की आप मिठाइयां प्रयोग करते हैं उनको बिल्कुल निषेध है नहीं करना चाहिए।
जो ज्यादा तली हुई छोक लगा कर के जो आप प्रयोग करते हैं वह नहीं करना चाहिए और सब्जी दाल में भी छौंक आपको बाद में लगाना चाहिए आपकी सब्जी तैयार हो गई उसमें जो नमक मसाला का डालना सब डालिए आपकी सब्जी तैयार हो गई।
बाद में चम्मच में थोड़ा सा घी ले लीजिए जिसमें आपको भूनने वाला द्रव्य भुन जाए ज्यादा बचना नहीं चाहिए व अपनी सब्जी में मिलाएं दाल में मिलाया और बनी हुई सब्जी और दाल आपकी तैयार हो गई तरह से अति सनिगधात जो तली हुई चीजें है या ज्यादा छौंक की जो चीजें है उनसे हमें बचना चाहिए।
खाना पकाने के 1 घंटे बाद खाना चााहिए
शीतोषण अकर्म सेना जो आप गरम गरम रोटिया या गरम गरम फुलका या पुलाव के साथ ठंडा पानी पीते हैं यह ठंडा पानी आपको नहीं पीना चाहिए आपको नॉर्मल पानी पीना चाहिए और जो ज्यादा गर्म रोटियां है सीधी गर्म रोटिया या पुलाव या चावल का प्रयोग करते हैं इसको एक घंटा पहले बना लीजिए एक घंटा पहले बनी हुई दाल सब्जी का प्रयाेग करेंगे तो आपको शुगर नहीं बनेगा।
शुगर के लिए दवाइया खाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी अति संताप जो बहुत ज्यादा भूखे रह जाते हैं पानी नहीं पीते हैं वत रख लेते हैं निर्जला यह चीज आपको नहीं करनी चाहिए।
क्योंकि उससे शरीर के अंदर गर्मी बढ़ जाती है और गर्मी बढ़ कर के शरीर के अंदर य गर्मी जपन क्रिया पर आती है तो शुगर को बना देती है आप इसका भी प्रयोग बंद कर दीजिए।
कई बार इस संताप के बढ़ जाने से पैरों में भयंकर जलन हो जाती है महिलाएं अक्सर सुनता हूं कि मेहंदी का लेप कर लेती है या चदर से बाहर पैरों को निकाल लेती हैं, कुलर की तरफ पैर कर लेती है और एसी में पैर को सीधा कर लेती हैं आपके क्योंकि पैरों में भयंकर जलन होती है रात्रि में जलन होती है अगर रात्रि में पैरों में जलन हो रही है तो आप त्रिफला चूर्ण को रात को ठंडे पानी के साथ या ठंडे दूध के साथ प्रयोग कर लीजिए।
ठंडे दूध का मतलब ये नहीं कि आप फ्रीज का प्रयोग करेंगे ठंडे दूध का मतलब है जितना कोरे घड़े के अंदर पानी ठंडा हो जाता है एक नए घड़े के अंदर जितना दूध पानी ठंडा होता उतना ही आप ठंडा दूध प्रयोग करके उस दूध के साथ त्रिफल्ज्ञ का प्रयोग कर लीजिए रात को आपके पैरों के अंदर की जलन खत्म हो जाएगी।
जब पैरों में जलन खत्म हो जाएगी गर्मी दूर हो जाएगी तो वहां जो नश सुकड़ गई है जो बरड के प्रवाह को रोक देती है जिसको आप कहते हैं पैरों में सुन पना या झनझनाहट होती है वो झनझनाहट और सुन पना दूर हो जाएगा यानी आप सदा के लिए शूकर से गोलियों से निजात पा सकते हैं।
डायबिटीज (शुगर) के उपचार व चिकित्सा परामर्श के लिए संपर्क करें :
8595-299-299, 7428-299-299
घर बैठे ऑनलाइन दवा मंगवाएं : https://arshchikitsa.com/
अस्पताल में विजिट करें :
रोहतक : हुड्डा सेक्टर-1 की पुलिया नं. 2 के सामने, नजदीक दिल्ली बाईपास
दिल्ली : नजदीक नारायण धर्म कांटा, सोम बाजार-बुध बाजार रोड, नांगलोई-नजबगढ़ रोड, महाराजा अजमीढ़ भवन, नांगलोई
नाड़ी वैद्य कायाकल्प के हमारे YouTube चैनल @ArshChikitsahttps://youtu.be/ZCTZqbZZVFg
पर आप घर बैठे घरेलू रोगों का उपचार कर सकते हैं।
अधिक जानकारी के लिए पार्ट-1 पढ़ें
https://arshchikitsa.com/2024/07/30/what-is-diet-when-can-we-stop-taking-sugar-pills/