वर्णन:- गर्भवती महिला में एनीमिया(खून की कमी) व नार्मल डिलीवरी हेतु यह सबसे उत्तम औषधि है। यह खांसी को भी ठीक करती हैं वह टाइफाइड में भी लाभकारी है। यह बौद्धिक शक्ति को बढाती हैं (नर्वस सिस्टम। शरीर दर्द, अनिंद्रा व पाचन तंत्र को मजबूत करने में काफी लाभकारी हैं
घटक : मुनक्का, खाण्ड, बेर की जड़, धांय के फूल, सुपारी, लौंग, जावित्री, जायफल, दालचीनी, इलायची, तेजपात, नागकेशर, सौंठ, पीपल, मिर्च, रुमीमस्तंगी, अकरकरा और कूठ
उपयोगी : इसके सेवन से संग्रहणी, बवासीर, क्षय, दमा, खांसी, काली खांसी और गले रोग, मस्तक रोग, नेत्र रोग, रक्तदोष, कुष्ठ, क्रमि, पाण्डु, कामला दुर्बलता, कमजोरी, आमज्वर, आदि नष्ट हो जाते हैं यह सौम्य पौष्टिक तथा बलवीर्यवर्धक।
उपयोग मात्रा: 4 चम्मच दवा, 4 चम्मच पानी सुबह शाम भोजन के तुरंत आधे घंटे बाद लेना चाहिए या चिकित्सक परामर्श अनुसार
इसका प्रयोग चिकित्सक के परामर्श से करें



























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